Tuesday, August 25, 2009

साथ

अजीब सी दुविधा मेरी
न हर्ष है ना विषाद है
इस ना होने में मुझे
होने की तलाश है

सुख का साथी पाया
दुःख में साथ चाहा
सुख में सभी होंगे 
दुःख , तन्हाई के साथ की तलाश है 

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