Thursday, June 11, 2009

आस

मन मेरा मतवाला भया सखी री
मन मेरा मतवाला भया.
इस सर्द बयार ने मन में एक तपन जगाया सखी री
मन मेरा मतवाला भया .
रात के अंधियारे में मन में एक दीप जलाया सखी री
मन मेरा मतवाला भया .
कांपते हांथो से उसे बुझने से बचाया सखी री
मन मेरा मतवाला भया
द्वार के हर आहट पर नैनो को भगाया सखी री
मन मेरा मतवाला भया
आने वाले के स्वागत में खुद को बिछाया सखी री
मन मेरा मतवाला भया .

No comments:

Post a Comment