सुनाने वाले बहुत, पर सुनने वाला कोई नहीं .
हर कोई अपनी ही धून लगाता है ,
हर कोई अपनी ही धून लगाता है ,
गीत का आनंद लेने वाला कोई नहीं .
इस शोर में गायक क्या गाये,
चिल्लाने के सिवा रास्ता और कोई नहीं.
उस पर भी यह खूब की हर कोई कहे,
हम चाहे दूसरों की सुने या ना सुने,
हम को सुनने वाला कोई नहीं

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