Thursday, July 16, 2009

अद्भुत कलाकार

अदभुत है प्रभू लीला
खरबों लोगों में
एक भी नहीं दुसरे जैसा
इतने भाव इतने स्वाभाव
जितने लोग उतनी आदतें
जितने लोग उतने अनुभव
जितने लोग उतने किस्से
प्रभु करते तुम कैसे ऐसे
छन में बनाते हैं सालों के कहानी

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