शब्द बड़े अनमोल हैं सोच के खर्च करो
इस गठरी की गाँठ जरूरतमंद के सामने खोलो
जरूरत जिनको इसकी है वो ही इस के जौहरी हैं
बाकी के लिए तो ये मुफ्त में बटती खट्टे चूरन की गोली है .
इस गठरी की गाँठ जरूरतमंद के सामने खोलो
जरूरत जिनको इसकी है वो ही इस के जौहरी हैं
बाकी के लिए तो ये मुफ्त में बटती खट्टे चूरन की गोली है .

No comments:
Post a Comment