Wednesday, October 17, 2018

भगवती गीत - अष्टमी गीत


भगवती आरती मैथिलि

प्रबल ढंड प्रचण्ड भुजबल ,कोटि दानव वीर हे ,
नहिक देखि उपाय ततछन , ठाड़ भेली रणधीर  हे |


लय तुरंग - तुरंग चतुरंग,  सिगंह पिठिया सवार हे ,
दंत झल झल हसंती खल खल , शुब्र दन्त विदारी हे |


नाचो जोगिनी ताल दय दय , जोगिनी दल संग हे |
मुंड भल भल हंसती खल खल ,मातु आज बिराजी हे|


कतेक हाँथी हुँकार मारल ,कतेक धुरी मिलाओ हे ,
कतेक खड्गी चरण चापल , धरा पर छितरैल  हे |


गौरी पति कर जोरि गोचर  आदी  शंकर प्रणाम हे ,
दक्ष यक्ष  प्रतयक्ष भय भय दिए अभय वरदान हे| 

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