जनकपुर हे दूल्हा आयल हे
आहे मदनमोहन छबि निरखु से
हिये बीच सुन्दर हे
माथे सोभनी मुकुट कान बीच कुण्डल हे
गले
जनकपुर हे दूल्हा आयल हे
आहे मदनमोहन छबि निरखु से
हिये बीच सुन्दर हे
बाहँ पर बाजूबंद हांथों में कनकन हे
आहे दस अंगूठी शोभे हाँथ ,सुन्दर मन लगे हे
पावों में कंकण पहिरि छुन बजे हे
आहें सुन्दर वर मन मोहि लेते हमारो हे
आहे आरती उतरी लिए सुनयना रानी , हिये बीच सुन्दर हे

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