Monday, May 10, 2010

माँग

जो  खुद औरों को ना दे सके
वह प्यार कैसे मांगते हो .
शंका और अविश्वाश पर साँस लेने वाले
उनका समाधान क्यूँ कर मांगते हो

मांगो वो जिस से सीने में आराम आये
मिलने पर जीवन में एक तरंग आये
चाहे धुप या छाओं हो या खुशी या गम
 मिलने पे बस मन पर एक करार सा छाये.

सभी की मांग और सभी की जरूरत अलग है
सभी यह समझ जाएँ तो बडा ही शांति छाये

1 comment:

  1. सभी की मांग और सभी की जरूरत अलग है - Only way to do samjhouta with life, the middle way to take and placate every soul. Not the easiest though.

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